सहज योग के लाभ

यदि हम सहज योग की बात करे तो इसकी खोज माता जी निर्मला ने की थी| यह योग परमात्मा की सर्वव्यापक शक्ति से जु़ड़ने का अत्यंत सरल मार्ग है| दरहसल जब भी ईश्वरीय शक्ति जागृत होती है, व्यक्ति का सृजनात्मक व्यक्तित्व व उत्तम स्वास्थ्य का विकास होने लगता है|

सहज योग के अर्थ को यदि हम विस्तृत करे तो ‘सह’ का अर्थ है हमारे साथ, ‘ज’ का अर्थ है पैदा हुआ और ‘योग’ का अर्थ है संघ।

मानव पर परमात्मा की कृपा बरसने लगती है, जिसके चलते उसकी अंतर्जात प्रतिभा खिल उठती है, वह तनाव युक्त जीवन पाता है साथ ही निःस्वार्थ प्रेम एवं आनंद में लिप्त हो जाता है|

कई बीमारियों से निजात दिलाता है सहज योग का अभ्यास

म हमेशा से सुनते आ रहे है, यदि इन्सान में इच्छा शक्ति हो तो वो हर चीज़ कर सकता है| जब यह तथ्य सही है तो व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को भी सुधार सकता है| प्राचीन समय ने हमें विरासत में कई तकनीक दी है, जिनकी बदोलत व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है, बस जरुरत है इन्हें अपनाने की|

गुरु नानक, संत ज्ञानेश्वर आदि महान ज्ञानियों के प्रवचन में सहज योग का उल्लेख मिलता है| सहज योग की मदद से कई लाइलाज बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है| इससे मानसिक, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक सभी तरह के लाभ शरीर को मिलते है|

यह आत्मज्ञान को प्राप्त करने की बहुत ही सुलभ ध्यान पद्धति है। इस पद्धति को सीख कर हर इन्सान अपने हर कार्य को व अपने जीवन को सफल कर सकता है| इससे तनाव दूर होता है, इससे पीठ दर्द से राहत मिलती है| इसका अभ्यास करने वाला व्यक्ति पूरा दिन उर्जा से परिपूर्ण होता है

सहजयोग से लाभ -6

51. सही निर्णय करने में सहायक अर्थात बुद्धि और विवेक जागृत हो जाता है l
५२ चीजों को सही परिपेक्ष्य में रखने में मदद करता है l
५३. मन को शांति और प्रसन्नता प्रदान करता है l
५४ .अपने जीवन का उद्देश्य समझ में आता है l
५५.अपने एवं दूसरों के विषय  में गहन समझ  विकसित  होती  है l
५६. शरीर, मन और आत्मा को एकरूप करता है l
57. क्षमा की शक्ति में वृद्धि होती है l
58. पवित्रता और अबोधिता देता है l
59. जीवन के प्रति दृष्टिकोण बदलने लगता है l
60. परमात्मा के साथ एक गहन सम्बन्ध का सृजन होता है l

सहजयोग से लाभ -5

४१. जटिल समस्याओं का समाधान करना आ जाता है l
४२. चरित्र में शुद्धता आ जाती है l
४३. किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में तीव्रता और प्रभावपूर्ण ढंग से प्रतिक्रिया करना आ जाता है l
४४. बुद्धि विकास की दर बढ़ जाती है l
४५. अपने कार्य से संतुष्टि मिलती है l
४६. व्यव्हार की उग्रता में कमी आ जाती है l
४७. नशे की आदत कम करने में सहायक है l
४८. नींद की कमी से उबरने के लिए अधिक नींद की आवश्यकता नहीं पड़ती l
४९. उत्तरदायित्व की भावना में वृद्धि होती है l
५० .इच्छा शक्ति में वृद्धि हो जाती है l

सहजयोग से लाभ – 4

३१. विचारों पर नियंत्रण करता है l
३२ . ध्यान केन्द्रित करने में व मन को एकाग्र करने में सहायता करता है l
३३. सृजनात्मकता में वृद्धि होती है l
३४. नवजीवन का संचार प्रतीत होता है l
३५. स्मृति और सीखने की क्षमता में सुधार होने लगता है l
३६.भावनात्मक स्थायित्व सुधरने लगता है l
३७.बुरी आदतें अपने आप छूट जाती है l
३८. अंतर्ज्ञान विकसित होने लगता है l
३९.किसी भी परिस्थिति से निपटने हेतु दृष्टिकोण में व्यापकता आ जाती हैl
४०.व्यर्थ के मुद्दों को अनदेखा करना आ जाता है l

सहजयोग से लाभ -3

२१. सिरदर्द और माइग्रेन ठीक हो जाता है l
२२. मस्तिष्क की कार्यशैली व्यवस्थित हो जाती है l
२३. अधिक दवाओं आदि की जरुरत नहीं रह जाती है l
२४. ऊर्जा की खपत कम हो जाती है l
२५. खेल आदि गतिविधियों में मन लगने लगता है एवं क्षमता से अधिक सफलता प्राप्त होती है l
२६. अस्थमा व दमा रोग में लाभ होता हैl
२७. हमारी अंतस्रावी प्रणाली को ठीक करता है l
२८. हमारे तंत्रिका तंत्र को ठीक रखता है l
२९. आत्मविश्वास में वृदि होने लगती है l
३०. डर / भय आदि को समाप्त कर देता है l

सहजयोग से लाभ – 2

११. रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ा देता है l
१२. वायरस की गतिविधियों और भावनात्मक परेशानियों को कम कर देता है l
१३. ऊर्जा ,शक्ति और जोश को बढ़ा देता है l
१४. वजन बढ़ाने और घटाने में सहायक है अर्थात शरीर को संतुलित करता है l
१५. त्वचा की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ा देता हैl
१६ कोलेस्ट्रोल के स्तर में कमी आ जाती है और ह्रदय रोगों के खतरों में कमी आ जाती है l
१७. फेफड़ों में वायु का प्रवाह बढ़ जाता है और सांस लेने में सरलता हो जाती हैl
१८. एजिंग प्रक्रिया को धीमा कर देता हैl
१९. जीर्ण रोगों में होने वाले दर्द में कमी आ जाती है l
२०. पसीना कम आता है l

सहजयोग से लाभ -1

परम पूज्य माताजी श्री निर्मला देवी ने सहजयोग से निम्नलिखित लाभ बताये है –

१. इससे शरीर में ऑक्सीजन की खपत कम होती है l
२. इससे श्वसन प्रक्रिया की दर में कमी आती है l
३. इससे रक्त संचार में वृद्धि होती है ,दिल की धड़कन की दर भी कम हो जाती है l
४. इससे व्यायाम करने की क्षमता बढ़ जाती है l
५. शारीरिक विश्राम का स्तर बढ़ जाता है l
६. उच्च रक्तचाप वाले लोगो के लिए अत्यंत लाभदायक है l
७. चिंता व उद्विग्नता कम हो जाती है l
८. मांसपेशियों के तनाव में कमी आ जाती है l
९. ग़ठिया या एलर्जी जैसे पुराने रोगों में लाभदायक है l
१०. ऑपरेशन के बाद होने वाली परेशनियों में कमी आ जाती है l