सहजयोग से लाभ

परमात्मा का वास मनुष्य के भीतर है, लेकिन बहुत कम लोगों ने इसका अनुभव किया है।  परमात्मा की सर्वव्यापकता शक्ति का प्रतिबिम्ब कुंडलिनी के रूप में हर व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी के निचले छोर पर स्थित पवित्र त्रिकोणकार अस्थि में सुप्तावस्था में विद्यमान है।

परमात्मा का वास मनुष्य के भीतर है, लेकिन बहुत कम लोगों ने इसका अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि परमात्मा की सर्वव्यापकता शक्ति का प्रतिबिम्ब कुंडलिनी के रूप में हर व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी के निचले छोर पर स्थित पवित्र त्रिकोणकार अस्थि में सुप्तावस्था में विद्यमान है।

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