सहजयोग बीमारियों में लाभकारी

शोधकर्ताओं के मुताबिक मौन की यह प्रक्रिया कायिक और मानसिक स्वास्थ्य के कई रास्ते खोलती है। सहजयोग के नियमित अभ्यास से कैंसर, ब्लड प्रेशर, हाइपर टेंशन और हृदय के रोगियों को भी लाभ हुआ है।

सहज शब्द की उत्पति

सहज शब्द संस्कृत के दो शब्दों को जोड़ कर बना है, ‘सह’ और ‘जा’। सह का अर्थ है ‘साथ’ और ‘जा’ का अर्थ है ‘जन्म’। जब यह दोनों शब्द एक साथ मिल जाते हैं तो इसको अर्थ प्रकृति के करीब हो जाता है। सहज योग के अनुयाईयों का विश्वास है कि इससे उनके अंदर कुंडलिनी का जन्म होता है और वे उन्हें स्वत: जागृत कर सकते हैं।

चिकित्सकों ने सहज योगा के अन्य प्रभावों के बारे में भी बताया है। उनके अनुसार योग को करने से लोगों में शारीरिक व मानसिक तनाव से मुक्ति व आराम मिलता है। साथ ही शरीर में होने वाली बीमारियों को जड़ को खत्म किया जा सकता है।

कई बीमारियों से निजात दिलाता है सहज योग का अभ्यास

म हमेशा से सुनते आ रहे है, यदि इन्सान में इच्छा शक्ति हो तो वो हर चीज़ कर सकता है| जब यह तथ्य सही है तो व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को भी सुधार सकता है| प्राचीन समय ने हमें विरासत में कई तकनीक दी है, जिनकी बदोलत व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है, बस जरुरत है इन्हें अपनाने की|

गुरु नानक, संत ज्ञानेश्वर आदि महान ज्ञानियों के प्रवचन में सहज योग का उल्लेख मिलता है| सहज योग की मदद से कई लाइलाज बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है| इससे मानसिक, शारीरिक, मनोवैज्ञानिक सभी तरह के लाभ शरीर को मिलते है|

यह आत्मज्ञान को प्राप्त करने की बहुत ही सुलभ ध्यान पद्धति है। इस पद्धति को सीख कर हर इन्सान अपने हर कार्य को व अपने जीवन को सफल कर सकता है| इससे तनाव दूर होता है, इससे पीठ दर्द से राहत मिलती है| इसका अभ्यास करने वाला व्यक्ति पूरा दिन उर्जा से परिपूर्ण होता है