सहजयोग से लाभ -6

51. सही निर्णय करने में सहायक अर्थात बुद्धि और विवेक जागृत हो जाता है l
५२ चीजों को सही परिपेक्ष्य में रखने में मदद करता है l
५३. मन को शांति और प्रसन्नता प्रदान करता है l
५४ .अपने जीवन का उद्देश्य समझ में आता है l
५५.अपने एवं दूसरों के विषय  में गहन समझ  विकसित  होती  है l
५६. शरीर, मन और आत्मा को एकरूप करता है l
57. क्षमा की शक्ति में वृद्धि होती है l
58. पवित्रता और अबोधिता देता है l
59. जीवन के प्रति दृष्टिकोण बदलने लगता है l
60. परमात्मा के साथ एक गहन सम्बन्ध का सृजन होता है l

सहजयोग से लाभ -5

४१. जटिल समस्याओं का समाधान करना आ जाता है l
४२. चरित्र में शुद्धता आ जाती है l
४३. किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में तीव्रता और प्रभावपूर्ण ढंग से प्रतिक्रिया करना आ जाता है l
४४. बुद्धि विकास की दर बढ़ जाती है l
४५. अपने कार्य से संतुष्टि मिलती है l
४६. व्यव्हार की उग्रता में कमी आ जाती है l
४७. नशे की आदत कम करने में सहायक है l
४८. नींद की कमी से उबरने के लिए अधिक नींद की आवश्यकता नहीं पड़ती l
४९. उत्तरदायित्व की भावना में वृद्धि होती है l
५० .इच्छा शक्ति में वृद्धि हो जाती है l

सहजयोग से लाभ – 4

३१. विचारों पर नियंत्रण करता है l
३२ . ध्यान केन्द्रित करने में व मन को एकाग्र करने में सहायता करता है l
३३. सृजनात्मकता में वृद्धि होती है l
३४. नवजीवन का संचार प्रतीत होता है l
३५. स्मृति और सीखने की क्षमता में सुधार होने लगता है l
३६.भावनात्मक स्थायित्व सुधरने लगता है l
३७.बुरी आदतें अपने आप छूट जाती है l
३८. अंतर्ज्ञान विकसित होने लगता है l
३९.किसी भी परिस्थिति से निपटने हेतु दृष्टिकोण में व्यापकता आ जाती हैl
४०.व्यर्थ के मुद्दों को अनदेखा करना आ जाता है l

सहजयोग से लाभ -3

२१. सिरदर्द और माइग्रेन ठीक हो जाता है l
२२. मस्तिष्क की कार्यशैली व्यवस्थित हो जाती है l
२३. अधिक दवाओं आदि की जरुरत नहीं रह जाती है l
२४. ऊर्जा की खपत कम हो जाती है l
२५. खेल आदि गतिविधियों में मन लगने लगता है एवं क्षमता से अधिक सफलता प्राप्त होती है l
२६. अस्थमा व दमा रोग में लाभ होता हैl
२७. हमारी अंतस्रावी प्रणाली को ठीक करता है l
२८. हमारे तंत्रिका तंत्र को ठीक रखता है l
२९. आत्मविश्वास में वृदि होने लगती है l
३०. डर / भय आदि को समाप्त कर देता है l

आज का सुविचार

किसी ने भगवान को पुछा ” जहर क्या होता है ? ”

भगवान ने बहुत सुन्दर जबाब दिया, ” हर वो चीज जो जिन्दगी मे आवश्यकता से अत्यधिक होती है, वही जहर होती है !

आज का सुविचार

पत्थर तब तक सलामत है जब तक वो पर्वत से जुड़ा है, पत्ता तब तक सलामत है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है, इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है, क्योंकि, परिवार से अलग होकर आज़ादी तो मिल जाती है, लेकिन संस्कार चले जाते हैं